Surah Muzammil in Hindi

इस पोस्ट में हम पढ़ेंगे सूरह मुज्ज़म्मिल हिंदी में (Surah Muzammil in Hindi) तर्जुमा के साथ

सूरह मुज्ज़म्मिल हिंदी में तर्जुमा के साथ | Surah Muzammil in Hindi

surah muzammil in hindi

सूरह मुज्ज़म्मिल क़ुरआन पाक के कौनसे पारे में है | Surah Muzzammil Quran paak ki kaunse parah mein hai?

सूरह मुज्ज़म्मिल कुरआन पाक के पारह न. 29 में है।

सूरह मुज्ज़म्मिल का सूरह न. कौनसा है? Surah Muzzammil Ka Surah No. Kaunsa Hai?

सूरह मुज्ज़म्मिल कुरआन पाक की सूरह न. 73 है और सूरह मुज्ज़म्मिल पढ़ने से क्या फायदा होता है इस पोस्ट में हम पढ़ेंगे| यहाँ→सूरह बक़राह हिंदी में देखिए|

सूरह अल-मुज्ज़म्मिल की फ़ज़ीलत

  1. सूरह मुज्ज़म्मिल पढ़ने वालों को नबी करीम ﷺ की ज़ियारत नसीब होगी, इंशा अल्लाह|
  2. सूरह मुज्ज़म्मिल का वज़ीफ़ा सख्त ज़रूरत या हाजत यानी दिली मुराद की कामयाबियों के लिए किया जाता है। जैसे अगर आप बेरोजगार है या आपके पास बहुत सारे मसले है। इसकी रोजाना तिलावत कने वाले की हर परेशानी दूर हो जाती है| उसके लिए रिज़्क़ के दरवाज़े खोल दिए जाते है, इंशा अल्लाह|

सूरह मुज्ज़म्मिल का वज़ीफ़ा

तो उन सूरत ए हाल में सूरह मुज्ज़म्मिल को रोज़ाना 3 या 7 बार पढ़े अव्वल आखिर दुरूद शरीफ के साथ किसी भी वक़्त पढ़े।

फिर अल्लाह त’आला से अपनी हर जाइज़ हाजत की दुआ कीजिये। यहाँ→Surah Inshiqaq Hindi Translation | सूरह इन्शिक़ाक़ का तर्जुमा और तशरीह देखिए|

इंशाअल्लाह, सूरह मुज्ज़म्मिल का अमल आपके बहुत काम आयेगा। अल्लाह पाक आपकी सभी दुआओं को पूरा करेगा। आमीन|

Surah Muzammil in Hindi | सूरह मुज्ज़म्मिल हिंदी में तर्जुमा के साथ

‘अऊजुबिल्लाहि मिनश-शैतानिर रजीम बिस्मिल्ला हिर रहमानिर रहीम

1. या अय्युहल मुज़-ज़ममिल

ए चादर ओढने वाले

2. क़ुमिल लैला इल्ला क़लीला

कुछ हिस्से को छोड़ कर रात में नमाज़ पढ़ा कीजिये

3. निस्फहू अविन क़ुस मिन्हु क़लीला

यानि आधी रात या उस से कुछ कम

4. अव्ज़िद अलैहि वरत तिलिल क़ुरआना तरतीला

या आधी से कुछ ज़्यादा, और ठहर ठहर कर क़ुरान पढ़िए

5. इन्ना सनुल्क़ि ‘अलैका क़ौलन सक़ीला

अनक़रीब हम आप पर एक भारी फरमान उतारेंगे

6. इन्न नाशिअतल लैलि हिया अशद्दु वत अव वअक्वमु क़ीला

यक़ीनन रात के वक़्त उठना ही ऐसा अमल है जिस से नफ्स को अच्छी तरह कुचला जाता है और बात भी बेहतर तरीके पर कही जाती है

7. इन्ना लका फिन नहारि सबहन तवीला

और दिन में तो आप बहुत सारा काम करते हो

8. वज़ कुरिस्मा रब्बिका व तबत तल इलैहि तब्तीला

और अपने परवरदिगार का नाम लेते रहिये और सब से बे ताल्लुक़ होकर उसी की तरफ़ मुतवज्जह हो जाइए

9. रब्बुल मशरिकि वल मग़रिबि ला इलाहा इल्ला हुवा फत तखिज़हू वकीला

वही मशरिक़ व मगरिब का मालिक है, उस के सिवा कोई माबूद नहीं इसलिए आप इसी को कारसाज़ बनाइये

10. वसबिर ‘अला मा यक़ूलूना वह्जुर हुम हजरन जमीला

और ये लोग जो कुछ कहते हैं, उस पर सब्र कीजिये और ख़ूबसूरती के साथ उन से अलग हो जाइये

11. व ज़रनी वल मुकज्ज़िबीना उलिन न’अ,मति वमह हिल्हुम क़लीला

और तुम्हें झुटलाने वाले जो ऐशो इशरत में पड़े हुए हैं उन का मामला मुझ पर छोड़ दो और उन्हें थोड़े दिन और मोहलत दो

12. इन्ना लदैना अन्कालव वजहीमा

यक़ीनन हमारे पास सख्त बेड़ियाँ हैं, और दहकती हुई आग है

13. व त ‘आमन ज़ा गुस्सतिव व अज़ाबन अलीमा

और गले में अटक जाने वाला खाना और दर्दनाक अज़ाब भी

14. यौमा तरजुफुल अरज़ु वल जिबालु व क अनतिल जिबालु कसीबम महीला

उस दिन ज़मीन और पहाड़ कांपने लगेंगे और पहाड़ रेत के टीले हो जायेंगे

15. इन्ना अरसलना इलैकुम रसूलन शाहिदन अलैकुम कमा अरसलना इला फ़िर’औना रसूला

हम ने तुम्हारे तरफ एक ऐसे रसूल को भेजा है जो तुम पर गवाही देंगे जैसा कि हम ने फिरऔन की तरफ़ पैग़म्बर भेजा था

16. फ़’असा फ़िर’औनुर रसूला फ़अखज़ नाहू अख्ज़व वबीला

फिर फिरऔन ने पैगमबर का कहा न माना तो हम ने उसे सख्ती से पकड़ की

17. फ़कैफ़ा तत तकूना इन कफरतुम यौमय यज’अलुल विल्दाना शीबा

तो अगर तुम कुफ्र करते रहोगे तो उस दिन से कैसे बचोगे जो बच्चों को बूढ़ा कर देगा

18. निस समा उ मुन्फतिरुम बिह का न व’अदु हू मफ़’ऊला

उस दिन आसमान फट जायेगा और उस का वादा पूरा होकर रहेगा

19. इन्ना हाज़िही तज़्किरह फ़मन शाअत तखज़ा इला रब्बिही सबीला

ये तो एक नसीहत है, तो जो चाहे अपने परवरदिगार की तरफ रास्ता बना ले

20. इन्ना रब्बका य’अलमु अन्नका तकूमु अदना मिन सुलुसयिल लैलि व निस्फहू व सुलुसहू व ता इफतुम मिनल लज़ीना म’अक वल्लाहु युक़द दि रुल लैला वन नहार ‘अलिमा अल लन तुह् सू हु फताबा अलैकुम फक़ रऊ मा तयस सरा मिनल क़ुरआन ‘अलिमा अन स यकूनु मिन्कुम मरज़ा व आ ख़रूना यज़रिबूना फ़िल अरज़ि यब् तगूना मिन फज़लिल लाहि व आ ख़रूना युक़ा तिलूना फ़ी सबीलिल लाहि फक़रऊ मा त-यस सरा मिनहु व अक़ीमुस सलाता व आतुज़ ज़काता व अक़रिज़ुल लाहा क़र-ज़न हसना वमा तुक़ददिमू लि अन्फुसिकुम मिन खैरिन तजि-दू-हु ‘इन्दल लाहि हुवा खैरव व ‘आ-ज़मा अजरा वस तग्फिरुल लाहा इन्नल लाहा ग़फूरुर रहीम

आप के परवरदिगार खूब जानते हैं कि आप और जो लोग आप के साथ हैं, उन में से कुछ लोग दो तिहाई रात के क़रीब और (कभी) आधी रात और (कभी) तिहाई रात अल्लाह के करीब खड़े रहते हैं और अल्लाह ही रात और दिन की तादाद मुक़र्रर करते हैं अल्लाह तआला ने जान लिया कि तुम उसको निबाह न सकोगे इसलिए उस ने तुम पर मेहरबानी की, लिहाज़ा जितना क़ुरआन आसानी से पढ़ सको, पढ़ लिया करो, अल्लाह को मालूम है कि तुम में से बीमार भी होंगे, और कुछ तलाश व मआश के लिए ज़मीन में सफ़र भी करेंगे, कुछ और लोग अल्लाह के रस्ते में जिहाद करेंगे इसलिए जितना आसानी से हो सके, पढ़ लो, नमाज़ की पाबन्दी करो, ज़कात देते रहो, अल्लाह को अच्छी तरह क़र्ज़ दो, (यानि इखलास के साथ नेकी के रस्ते में ख़र्च करो)

और तुम अपने लिए जो नेक अमल आगे भेजोगे, उसको अल्लाह के पास ज़्यादाबेहतर और ज़्यादा सवाब वाला पाओगे, और अल्लाह से मगफिरत तलब करते रहो, यक़ीनन अल्लाह बड़े बख्शने वाले और बड़े महेरबान हैं|

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5 Comments

  1. Salaam e likum.
    I used to receive your email articles in English. I don’t know why I have started to receive them in Hindi. I cannot read Hindi at all.
    Please only send me in English. JazakAllah khair

  2. Assalam walikum
    Inshallah mai e aml krungi. But mai apko insta pr messg kiya tha aap deke nhi please meri madad kre
    Hum 5 sal se relationship hai aur hum dono shadi krna chahte hai lekin ladke ke ammi unki zabardasti se sagai karare hai unke khala ke beti ke sath jab ladka unke gar par hamare riste ke bare me baat kiye. E baat unke ammi sunke tabiyat kharab ho gayi ab thik hai alhamdulillah but unke gar par sab khamos hai aur ladka b koi. B hamare riste ke bare me baat nhi kara aur ladka b unke ammi ko kuch nhi bolra aur ab wo 40 days jamat gaye baat b nhi hori hamare jamat se wapas aane ke baad shyd unki sagai karwa denge aur hum dono e nhi chahte hai plz meri madad kijiye maine apne gar par boli nhi hamre riste ke bare me jab ladke ke garwale razi honge tab bolungi plz kuch kijiye hum dono garwale razi ho jaye jaldi se jald bena koi rukawat ke plz meri madad kijiye plz mai bht depress hu soch sochkar plz madad kijiye mujhe apki jawaab ummed hai aisa amal batayi ki jald asar ho mujhe nhi pta ky hoga shyd next month sagai b ho sakti plz madad kijiye mai iss channel par nayi hu

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