Surah Ikhlas in Hindi

Surah Ikhlas in Hindi

Surah Ikhlas in Hindi | सूरह इख़लास हिंदी में

सूरह इखलास (Surah Ikhlas In Hindi+Tafseer+Tarjuma+Hadees) हिंदी में पढ़ते है। जो क़ुरआन पाक की छोटी सूरतों में से एक सूरत है। नबी करीम ﷺ फरमाते है, सूरह इखलास की मुहब्बत जन्नत ले जायेगी। सूरह इखलास को सूरह तौहीद (Surah Tauheed) भी कहते है। इसकी एक-एक आयत तौहीद की तफसीर बयाँ करती है।

Surah Ikhlas Kya Hai | सूरह इखलास क्या है?

Surah Ikhlaas Ki Fazilat Aur Hadees Hindi Mein | सूरह इखलास की फ़ज़ीलत और हदीस हिंदी में

हदीस

हज़रत अबू हरैराह र.अ. से रिवायत है के, रसूल अल्लाह ﷺ ने फजर की दो रक’अतों में सूरह अल-काफिरून और अल-इख़लास पढ़ी।”

सहीह मुस्लिम

हदीस

इब्न अब्बास र.अ. से रिवायत है के, रसूल अल्लाह ﷺ ने फरमाया:

“इधा ज़ुलज़िलात क़ुरआन के आधे हिस्से के बराबर है, सूरह अल-इखलास तिहाई क़ुरआन के बराबर है और अल-काफिरून चौथाई क़ुरआन के बराबर है।”

जमी’अ अत-तिर्मिज़ी न. 2894

हदीस

‘आईशा र.अ. ने बयाँ किया के,

“नबी करीम ﷺ जब भी रात को सोने के लिए जाते अपने दोनो हाथ मल कर उसपर सूरह अल-इखलास, सूरह अल-फ़लक़ और सूरह अन-नास पढ़ कर फूंक मारते फिर अपने जिस्म के जिस हिस्से पर भी हाथ फेरते, अपने सर, चेहरे और जिस्म के सामने से शुरू करते हुए रगड़ने के क़ाबिल वो तीन बार ऐसा करते थे।”

सहीह अल-बुखारी, न. 5017

यहाँ→Tahajjud Ki Dua In Hindi देखिए|

हदीस

अबू स’ईद ख़ुदरी र.अ. रिवायत करते है के, नबी ए करीम ﷺ ने अपने सहाबी से फरमाया के, “क्या तुममें से किसी के लिए एक रात में क़ुरअन पाक का एक तिहाई हिस्सा पढ़ना मुमकिन है?

ये अमल उनके (सहाबी) के मुश्किल थी तो उन्होंने (सहाबी) कहा के, या रसूल अल्लाह ﷺ,

हममें से कौन ऐसा करने की ताक़त रखता है?

रसूल अल्लाह ﷺ ने जवाब दिया:

“अल्लाह बे-नियाज़ मालिक जिस की तमाम मखलूकात को ज़रूरत है। (सूरह इखलास) एक तिहाई क़ुरआन के बराबर है।”

सहीह अल बुखारी न. 5015

यहाँ→1 to 6 Kalma in Hindi देखिए|

हदीस

अनस र.अ. ने बयान किया के एक आदमी ने अर्ज़ किया: या रसूल अल्लाह ﷺ, मुझे सूरह अल-इखलास से मुहब्बत है।

फिर आप ﷺ ने फरमाया:

“तुम्हारी इस सूरह से मुहब्बत तुम्हे जन्नत में दाखिल करेगी।”

जमी अत तिर्मिज़ी

रियाज़ अस सालिहीन न. 1013

हदीस

हज़रत आइशा र.अ. फ़रमाती हैं कि रसूल अल्लाह ﷺ हर रात जब बिस्तर पर आराम के लिये लेटते तो अपनी दोनो हथेलियों को एक साथ करके “क़ुल हु अल्लाहु अहद” (सूरह इखलास), “क़ुल ‘अ’ऊज़ु बिरब्बिल फ़लक़” (सूरह फ़लक़) और “क़ुल ‘अ’ऊज़ु बि रब्बिलनास” (सूरह नास) पढ़ कर उनपर फूंकते थे और फ़िर दोनो हथेलियों को जहां तक मुमकिन होता अपने जिस्म पर फेरते थे। सर, चेहरा और जिस्म के आगे के हिस्से से शुरू करते। यह अमल आप तीन मरतबा करते थे।”

बुख़ारी

यहाँ→Dua e Masura in Hindi  देखिए|

हदीस

हज़रत अब्दुल्लाह बिन ख़ुबैब र.अ. से रिवायत है कि एक रात में बारिश और सख़्त अंधेरा था, हम रसूल अल्लाह ﷺ को तलाश करने के लिए निकले।

जब हमने आप ﷺ को पा लिया तो आप ﷺ ने फ़रमाया कि कहो।

मैंने अर्ज़ किया: क्या कहूं?

रसूल अल्लाह ने फ़रमाया: “क़ुल हु अल्लाहु अहद (सूरह इखलास) और मुअव्वज़तैन (सूरह फ़लक़ और सूरह नास) तीन-तीन बार पढ़ो, जब सुबह और शाम हो, तीन मरतबा ये पढ़ना तुम्हारे लिए हर तकलीफ़ से अमान होगा।

तिर्मिज़ी

Hindi, Arabic Transliteration and Hindi Translation| सूरह इखलास अरबी और हिंदी तर्जुमा में

(سورة- الْإِخْلَاص‎) ‎

• عُوْذُ بِاللّٰهِ مِنَ الشَّيْطٰانِ الرَّجِيْمِ

بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

• “अ ‘ऊजु बिल्लाहि मिनश शैतानिर रजीम,

बिस्मिल्ला-हिर्रहमा-निर्रहीम”

• “मैं अल्लाह त’आला की पनाह में आता हूँ शैतान ने मरदूद से,

अल्लाह के नाम से शुरू जो निहायत मेहरबान व रहम वाला है।”

﴿١﴾ قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ

1. क़ुल हुवल्लाहू अहद,

1. आप कह दीजिये कि अल्लाह एक है,

﴿٢﴾ اللَّهُ الصَّمَدُ

2. अल्लाहुस-समद,

2. अल्लाह बेनियाज़ है,

﴿٣﴾ لَمْ يَلِدْ وَلَمْ يُولَدْ

3. लम यलिद वलम यू-लद,

3. वो न किसी का बाप है न किसी का बेटा,

﴿٤﴾ وَلَمْ يَكُنْ لَهُ كُفُوًا أَحَدٌ

4. व-लम य-कुंल्लहू कुफु-वन अ-‘हद।

4. और न कोई उस के बराबर है।

Surah Ikhlas Ki Tafseer in Hindi | सूरह इख़लास की तफसीर हिंदी में

﴿١﴾ قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ

1. क़ुल हुवल्लाहू अहद,

1. आप कह दीजिये कि अल्लाह एक है,

1. पहले आयत की तफ़्सीर: पहली आयत में अल्लाह पाक नबी करीम ﷺ से फरमाते हुए, तमाम इंसानों को अपने एक और तन्हा होने की दलील दे रहे है। इस आयत से मालूम होता है के अल्लाह पाक एक है।

ना कोई अल्लाह त’आला के आगे है, और ना कोई पीछे है। अल्लाह त’आला किसी के मशवरे का मोहताज नही है। वो एक ही है जो हर चीज़ का फैसला करता है। वो तन्हा है, अकेला है।

﴿٢﴾ اللَّهُ الصَّمَدُ

2. अल्लाहुस-समद,

2. अल्लाह बेनियाज़ है,

(Tafseer/तफसीर)

2. दूसरी आयत में अल्लाह पाक फरमाते है के अल्लाह त’आला बेनियाज़ है। बेनियाज़ का मतलब जो हर फायदे नुकसान से पाक है।

अल्लाह त’आला को किसी चीज़ का खौफ नही। वो जब, जो चाहे वो कर देता है। यानी अल्लाह त’आला को किसी चीज़ की ज़रूरत नही है और ना ही होगी।

﴿٣﴾ لَمْ يَلِدْ وَلَمْ يُولَدْ

3. लम यलिद वलम यू-लद,

3. वो न किसी का बाप है न किसी का बेटा,

3. तीसरी आयत की तफ़्सीर: अल्लाह त’आला अपनी वो सिफ़त बयाँ कर रहे है। जिस बात का वस्वसा शैतान ज़्यादातर इंसानो के दिलों में डालता है। अल्लाह त’आला फरमाते है ना अल्लाह त’आला किसी का बाप है और उसका कोई बेटा।

यानी अल्लाह पाक ऐसी ज़ात है, जिसका ना कोई बाप है और न बेटा। वो सारे रिश्तों से पाक है, और हमारा मालिक है।

﴿٤﴾ وَلَمْ يَكُنْ لَهُ كُفُوًا أَحَدٌ

4. व-लम य-कुंल्लहू कुफु-वन अ-‘हद।

4. और न कोई उस के बराबर है।

4. चौथी आयत की तफ़्सीर: आखरी आयत में अल्लाह त’अल्लाह ने इस बात को भी साफ कर दिया के अल्लाह करीम के बराबर कोई नही है। वो सब से बड़ा है।

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